निवास-रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
जिला--रायपुर छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक-"मानव कल और आज "
विधा-कविता (छ्न्द-मुक्त )
(मानव उत्थान की गाथा)
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***°°मानव कल और आज °°***
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आओ जाने-मानव उत्थान की गाथा,
दो लाख साल पहले, अफ्रीका में,
होमोसेपियंस यानी हमारे पूर्वज जन्मा।
पाषाण युग में,चकमक पत्थर से आग जलाना,
पत्थरों से,जंगली जानवरों का शिकार करना ।
हमारी सभ्यताओं की,हुयी पहचान,
मेसोपोटामिया,मोहनजोदड़ो-हड़प्पा है निशान ।
5500साल पहले,इन्सान ने पहिया बनाया,
अपनी आबादी को,पूरी दुनिया में फैलाया ।
गुफ़ा-कंदराओं में,वह रहता आया,
आज महल-अटारी को,अपना रहवास बनाया ।
कबीले,परिवार,जाति-समाज,रीति-रिवाजों को बनाया,
मानव को,सभ्य-समाज का जीवन दिलाया ।
गांव-कस्बों,गढ़-किलों,रियासतों को बनाया,
आवश्यकता के खातिर,उद्योग-शहरों को बसाया ।
बैलगाड़ी,मोटर-यान,हवाईजहाज,जल-जहाजों को बनाया,
जल-थल-नभ में भी,परिवहन को चलाया ।
विश्व-सभ्यता,बोली-भाषा,सँस्कृति की पहचान कराया,
जगत में,मानवों को,जरुरत ने ही मिलाया ।
वैदिक संस्कृति,विविध धर्म-ग्रंथों की रचना करवाया,
धर्म-युद्घ,सत्ता-युद्घ,शासन-तन्त्र का संविधान बनवाया ।
शिल्पकला,वैदिक-शिक्षा,गुरुकुल
शिक्षा दिलाया,
आज वैज्ञानिक खोज-सोच ने, विद्यालय-महाविद्यालय,शोध-संस्थान बनाया ।
सुई से लेकर जहाज ,थल से लेकर नभ का ज्ञान कराया,
टेलिफोन,दूरदर्शन,इंटरनेट जैसे खोजों को लाया ।
आकाल-भुखमरी,महामारी से निपटने की जुगत बनाया ,
तालाबों-बांधों,उन्नत-फसलों,वैकल्पिक भोजन दिलवाया ।
मृत्युदर घटी,औसत जीवन-आयु बढ़ाया,
एंटीबायोटिक ईज़ाद कर,मानव जीवन बचाया ।
बढ़ती आबादी पर,रोक है लगाया,
गर्भ-निरोधक दवा,विधि को है अपनाया ।
शिशु-मृत्युदर को,जगत में है घटाया,
अभय जीवनदान हेतु,टीकाकरण है करवाया ।
मातृत्व-रक्षा में,विश्व-स्वास्थ्य संगठन बनाया,
कुपोषण भगाने,मुफ्त न्यूट्रीशन बँटवाया ।
महिला-साक्षरता को,विश्व मिशन बनाया,
जागरुक-महिला व उन्हें समानता का अधिकार दिलाया ।
मानव-सुरक्षा हेतु,परिवारों को आर्थिक सहायता पहुँचाया ,
आकस्मिक-दुर्घटना का मुआवजा हेतु,बीमा कंपनी बनवाया ।
मानवता जिन्दा रखने,मानव अधिकार आयोग बनाया,
महिला उत्पीड़न रुके ,सशक्तिकरण कानून लाया ।
मानव उत्थान-पतन की,संघर्षों को याद कराया,
देश की रक्षा खातिर,विनाशकारी हथियार बनाया ।
आओ मानवता बचाने,हम मानवीय बन जायें,
प्रत्येक मानव में,ऐसा विचार-संदेश पहुचायें ।
÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷इति÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷
व्याख्या:--उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि विश्व मानव जाति के कल और आज तक के कुछ आयामों को प्रस्तुत करने की कोशिश की है ।
========मौलिक-प्रस्तुति:--
*अरमो,रायपुर,छत्तीसगढ़ ।
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