Wednesday, July 29, 2020

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से गजेंद्र हरिहारनो"दीप" जी की कविता- सुबह का इंतजार है

रचनाकार:- गजेन्द्र हरिहारनो "दीप"
पता:-डोंगरगाँव, जिला:-राजनांदगाँव, (छत्तीसगढ़)
शीर्षक- सुबह का इंतजार है 

न चैन न क़रार है ।
ज़िन्दगी तार तार है ।
सब कुछ थम सा गया,
बंद सारा कारोबार है।
हर तरफ देखिए,
गुबार ही गुबार है ।
चलो चलें कहीं और,
यहाँ रहना बेकार है ।
दिल दे रहा है सदा ,
मौसम खुशगवार है ।
मै तो हूं इस पार ,
 तू क्यों उस पार है ।
ढलने लगी है रात,
सुबह का इंतजार है ।
" दीप" तेरी रौशनी से ,
  पतंगों को प्यार है ।
   
        
गजेन्द्र हरिहारनो "दीप "
डोंगरगांव , जिला - राजनांदगांव , ( छ. ग.)

12 comments:

  1. आप सभी सुधिजनों को सादर प्रणाम , बहुत बहुत साधुवाद 🙏🙏

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  2. सार्थक संदेश,समसामयिक अनुभूति। 🙂🙂

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  3. मेरी रचनाधर्मिता को संबल प्रदान करने वाले आप सभी सुधिजनों को सादर प्रणाम

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  4. Very nice hai mere कवि भाई गजेन्द्र हरिहारनो दीप जी 🙏👌👌✍️🖊️

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  5. वेरी नाइस नाइस है गजेन्द्र हरिहारनो दीप जी 🙏🙏🇮🇳🇮🇳

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  6. बहुत बढ़िया गुरुदेव👌👌

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