*रचनाकार -डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"*
*बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़)*
विषय - जीवन
विधा - नाराच छंद
शीर्षक - हो संघर्ष भरा जीवन
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*हो संघर्ष भरा जीवन*
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हो संघर्ष भरा जीवन,
पल-पल कदम जाना।
काँटें भी चुभन जाए तो,
हँस के वो पल बिताना।
मुश्किलें के दौर आए तो,
मानव में जोश बढ़ाना।
मंजिल को लक्ष्य बना के,
राहों पर चलते जाना।
चिंता मन से हटाकर,
आशा की किरण जगाना।
उत्साह भर ले जीत का,
सबको जी गले लगाना।
समय के साथ चल के,
धीरज मन में धरना।
नियम पालन करके,
उमंग जीत का भरना।
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डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
आप सभी का आशिर्वाद
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