Tuesday, June 2, 2020

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सावित्री यादव "सावि" की रचना- रिश्ता


रचनाकार  - सावित्री यादव  "सावि "
                 बिलासपुर  छ. ग.
              
शीर्षक  - अनोखा  रिश्ता  है | हमारा 
विधा  - कविता

अनोखा  रिश्ता है | हमारा 

  अनोखा  रिश्ता  है हमारा |
  ना हक़ है ना अधिकार |
  ना  रश्मो, ना रिवाज़ |
  ना जात , ना समाज |
  अनोखा  रिश्ता है| हमारा ||1||
 
  ना मिली कुंडली ना मिली |
  राशि  बस मिले विचार |
  है |इसमें  प्यार बस प्यार |
  होता अगर टकरार तो, 
  ना होता कोई तीसरा |
  ना कोई समझाने  वाला|
  ना कोई संभालने  वाला |
  दिल टूटे तो आवाज नहीं आती |
  आंसू निकले तो नहीं पोछी जाती |
  अनोखा रिश्ता  है| हमारा ||2||
        
  जो कभी साथ ना होंगे |
  जो कभी पास ना होंगे |
  बिना उम्मीद  का ये रिश्ता |
  बिना मांग का ये नाता |
  अनोखा  रिश्ता है हमारा ||3||
           
  दर्द तो दोनों  सहेंगे |
  पर दर्द को साथ बाँट ना सकेंगे |
  कभी मिलने को बेबस कभी, 
  मिलके भी  चैन सकून नहीं |
  कभी  कोई आस नहीं |
  अनोखा  रिश्ता  है |हमारा ||4||
             
  रिश्ता  निभा जाये बिना किसी बंधन के |
  साथ दे जाये बिना किसी अड़चन  के|
  बस इस  रिश्ते से किसी का दिल ना दुखे|
  हाँ इस रिश्ते से किसी का घर ना  टूटे |
  किसी का किसी से साथ ना छूटे |
  अनोखा  रिश्ता  है हमारा ||5||


भावर्थ - निस्वार्थ  प्रेम का वर्णन 
              
                                   
                  

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