Friday, June 5, 2020

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से कृष्ण कुमार ध्रुव "सृजन" की रचना- वृक्ष

नाम:- कृष्ण कुमार ध्रुव "सृजन"
ब्लॉक:- प्रेमनगर, जिला:- सूरजपुर, छत्तीसगढ़
विधा:- गद्य एवं पद्य दोनों का मिश्रण *चंपू काव्य*
शीर्षक:- वृक्ष हमारे जीवन का आधार है।


विश्व पर्यावरण दिवस आये,
सबके हृदय में खुशियां लाये।
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आज के दिन सभी के मन में उल्लास और खुशी रहती है कि हम इस धरती को हरा भरा करें।
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आओ मिलजुलकर वृक्ष लगायें,
इस धरा को बंजर होने से बचायें।
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आज हम संकल्प लेते हैं कि इस पावन भूमि को हरियाली करें।
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 धरती माँ कलप करे पुकार,
वृक्ष लगाकर मेरा करो श्रृंगार।
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धरती माँ को हम कभी रोते हुए नहीं देख सकते इनका हमको ध्यान रखना है और उनकी गोद को हरियाली से भर देना है।
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देती जड़ी बूटी और फल फूल,
इनकी संरक्षण है जीवन का मूल।
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इनसे लोगों को विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटी प्राप्त होती है, जब हम इनका देखभाल करेंगे तभी ये हमें फल फूल और जड़ी बूटी प्रदान करेंगे।
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पेड़ पौधे से होती है वर्षा जल,
इसे पाकर तृप्त हो जाते भूतल।
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पेड़ पौधों से ही बरसात होती है जिससे हम अपना जीवन यापन करते हैं,और धरती की प्यास बुझती है।
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वृक्ष हमारे हैं पुत्र समान,
इसका सेवा करना सबसे महान।
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ये पुत्र से भी बढ़कर होती है जो हमेशा हमारे लिए वरदान साबित होती है, ये हमारे जीवन का आधार है। इसके बिना हमारा जीवन संभव नहीं है।
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कृष्ण कुमार ध्रुव "सृजन"
ब्लॉक:- प्रेमनगर
जिला:- सूरजपुर

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