विधा _ छंद मुक्त
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
शीर्षक _आवा पेड़ लगाबो
आवा पेड़ लगाबो |
अपन पर्यावरण ल बचाबो |
तभे ये जिनगी के सुख पाबो|
सब्बो कोती हरयाली लाबो |
आवा पेड़ लगाबो ||1||
बारी कोला म ध्यान देबो |
खेत के मेड़ म पेड़ लगाबो |
जन जन ल समझाबो |
पेड़ के महत्व बताबो |
आवा पेड़ लगाबो |
अपन पर्यावरण ल बचाबो ||2||
रस्ता के तीरे तीर होवय पेड़ |
नहर के ओरि ओर |
पेड़ लगाबो तरिया के तीरे तीर |
पेड़ लगा के अपन फ़र्ज निभाबो |
आवा पेड़ लगाबो |
अपन पर्यावरण ल बचाबो ||3||
बरगद हे बरसाइत पूजा के मान |
पीपर म रहिथे शनि भगवान |
तुलसी के महिमा महान |
हर पेड़ पौधा म हे जान |
आवा पेड़ लगाबो |
अपन पर्यावरण ल बचाबो ||4||
रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
No comments:
Post a Comment