Monday, June 1, 2020

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से कृष्ण कुमार ध्रुव "सृजन" की रचना- वीर जवान

नाम:- कृष्ण कुमार ध्रुव "सृजन"
ब्लॉक:- प्रेमनगर, जिला:- सूरजपुर, छत्तीसगढ़
विधा:- कविता
रस:- वीर रस
शीर्षक:- देश के वीर जवान

**********************

अंग अंग चतुरंग सैन मन उमंग धरि,
रण में युद्ध जीतन चलत है।
शत्रु देखत सैन्य पराक्रम को,
मन ही मन भयभीत हो हाथ मलत है।

**********************

कितने वीर इस धरती में जन्म लिए,
वीरों का देश है मेरा हिन्दुस्तान।
पराक्रमी वतन की रक्षा खातिर शहीद हुए,
भगत सिंह, आजाद, बोस और सुल्तान।

*********************

क्रोध हुए तो दुश्मन थर थर कांपे,
रक्त रंजीत हो रणभूमि जब किये प्रहार।
बढ़ते कदम अब रुक नहीं सकता,
काल रूप धरे शत्रु का करता है संहार।

***********************

शत शत नमन उन बलिदानियों को,
जिसने किया प्राणों का कुर्बान।
ऐसे वीर जांबाज,पराक्रमी,सपूतों पर,
देश को गर्व और है अभिमान।

***********************

देशद्रोहियों का चैन सुख छीना,
कर दिया उन डकैतों का बदहाल।
सात पुस्तों तक कभी भूल नहीं पाएंगे,
ऐसा कर दिखाया तूने कमाल।

*********************

व्याख्या:- देश के वीरों के पराक्रम का वर्णन किया गया है, जो देश की रक्षा खातिर अपने प्राणों का न्यौछावर कर दिए।

*********************

कृष्ण कुमार ध्रुव "सृजन"

2 comments:

  1. बहुत सुंदर ध्रुव सर

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर रचना है भाई बधाई हो

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...