पता - श्रीमाधोपुर (सीकर) राजस्थान
शीर्षक - इज्जत हो जज्बात की ( सरगम )
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"सा" से सारे मिलकर बदलें
"रे" से रेखा हाथ की
"ग" से गाना ऐसा गाओ
इज्जत हो जज्बात की
"म" से मानवता दिखलाओ
"प" से पाप को दूर भगाओ
"ध" से बहती धारा हो तुम
रोके ना हालात भी
गा से गाना ऐसा गाओ
इज्जत हो जज्बात की
"नि" से निर्बल अब ना हारे
"सा" से साहस तुम दिखलाओ
जैसे लय है, हर इक धुन में
जीवन में खुशियां भर जाओ
सात सुरों सा ये जीवन है
सरगम जिसकी अपना मन है
शब्दों का है अनोखा दर्पण
दिखता जिसमें जग पावन है
लिखदो सारे आज कहानी
सच्चे मन की बात की
गा से गाना ऐसा गाओ
इज्जत हो जज्बात की
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राहुल कुमावत
कारीगर कलम का
👍🏾👍🏾👍🏾
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