जिला बेमेतरा (छ. ग.)
विधा कविता
शीर्षक "प्रीतम से हैं मिलने जाना"
कविता
आज का मौसम है सुहाना,
प्रीतम से मिलने है जाना।
मिलकर उनसे अपने,
दिल के सारे अरमां हैं बताना।
प्रीतम से मिलने को,
बेकरार हूं बहुत मै।
बहुत कुछ कहना है,
उनसे दिल की बात।
सारी राज़ दिलों की,
खोलना है उनके पास।
आज उनसे मिलकर,
इजहार ए इश्क करूंगा।
मौसम का लाभ उठाकर,
विवाह का प्रस्ताव भी रखूंगा!
आज मौसम है सुहाना,
प्रीतम से मिलने है जाना....
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भावार्थ नवतपे की अंतिम दिन गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हुआ तो मुझे ये कविता सूझी_मौसम जब सुहाना होता है तो प्रेमी अपने प्रियतम से मिलने को बेकरार हो उठता है और उसे खुश करने के उपाय सोचता है, मौसम का लाभ उठाकर अपनी सारी भावनाएं व्यक्त कर देना चाहता है।
सूर्य प्रकाश पाटिल
जिला बेमेतरा (छ. ग.)
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