Monday, June 1, 2020

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से प्रवीण कुमार ठाकुर की रचना- शहीदों में अपना

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रचनाकार -- प्रवीण कुमार ठाकुर
जिला      -- राजनांदगाँव (छ.ग.)
शीर्षक    -- "शहीदों में अपना 
                  नाम करें "  ! 
विधा      -- कविता (वीर रस)
अलंकार -- अतिसयोक्ति अलंकार
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कविता :--
     "शहीदों में अपना नाम करें"।
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।।१।।
खत्म होना है एक रोज ए हस्ती ,
क्यों ना यारों  हम  ये  काम करें ।
फिदा    वतन   में   होकर  हम  ,
शहीदों  में  अपना   नाम   करें ।।
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।।२।।
वतन   परस्तों   की कुरबानी का ,
तमाशाई    अरे    देश   द्रोहियों ।
मिट कर  वतन  में इस तरह हम ,
देश   प्रेम  ए  दास्तां  आम  करें ।।
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।।३।।
आसमां  ए  बुलंदी  की अरमां  में ,
जीने  वाले  वीर   सपूत   जवान ।
नींव   वतन   की   बन  कर  हम ,
निज    को    यूँ    गुमनाम  करें ।।
**************************।।४।।
हयाते   जंग   से    मात   हुए   ,
अरे    वो     काफिर    इंसान   ।
खा  कर  सीने  में  हम  गोली   ,
न्यौता काल को सरे आम करें ।।
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।।५।।
तहरीर     तबाही      हो   ,
तकदीर    में    जिनकी   ।
ललकार   उन्हें  हम रण  में ,
दुश्मन  को  नाकाम   करें  ।।
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।।६।।
हिन्दुस्तान  की  सरहद  छूँ  ले  ,
द्रोही   में   ऐसी  बिसात  कहाँ ।
कर  कलम  कर  नाकामी  हम ,
दुश्मन     का    अंजाम    करें ।।
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             रचना 
    प्रवीण कुमार ठाकुर


व्याख्या  :---
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प्रस्तुत मेरी कविता "शहीदों में अपना नाम करें " पुर्णतः देश भक्ति पूर्ण वीर रस की अतिश-योक्ति पूर्ण रचना है ।जिसकी हर पंक्ति हमें देश प्रेम की ओर बरबस ही आकर्षित करती है हमें देशप्रेम का सबक सीखाती है ।।


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