जिला-कांकेर,छग
विधा-कविता (सायली छंद)
शीर्षक- *बेटियां*
सुंदर
चांद -सी
कुदरत का करिश्मा
परियां हैं
बेटियां
पापा
की पगड़ी
बिंदिया मां के
माथे की
बेटियां।
पढ़ो
इन्हें भी
गीता, बाइबिल, कुरान
होती हैं
बेटियां।
स्वर्ग
है घर
जहां होती हैं
प्यारी -सी
बेटियां।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
No comments:
Post a Comment