जिला-कोरबा छत्तीसगढ़
विधा जगन्नाथ स्वामी के ऊपर में कविता
शीर्षक- हे जगन्नाथ स्वामी
प्रस्तुत है कविता-
हे जगन्नाथ स्वामी! तुम दीनन के हितकारी ।
हम आऐ शरण तिहारी
हे प्रभु करना रक्षा हमारी
हे जगन्नाथ स्वामी!तुम दीनन के हितकारी ।
तुम पतित पावन मैं पतिता अज्ञानी मैं आई शरण तिहारी,
प्रभू शरणागति की रक्षा करना ये विनती है हमारी ।
हे जगन्नाथ ..... तिहारी ।
मेरे दो हांथो से भगवन सदैव सद्कर्म हो ।
सत्य पथ से मेरी कदम न हटे ऐसा पथ देना हे स्वामी !
मेरे अंतःकरण में निरंतर वास हो तेरा
ये अंतिम विनती है मेरी ।
हे जगन्नाथ स्वामी तूम दीनन के हितकारी मैं आई शरण तिहारी प्रभू हरना कष्ट हमारी
गोमती सिंह
ब्याख्या--रचनाकार भगवान जगन्नाथ स्वामी से अनेक प्रकार से प्रार्थना और विनती कर रही है।
गोमती सिंह
**************
बहुत सुंदर प्रार्थना भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की
ReplyDelete