जिला -बिलासपुर (छ. ग )
शीर्षक -जीवन नैया पार करें हम l
विधा -गीत
जीवन नैया पार करें हम,
कहें, गढ़ें कुछ ऐसी कहानी l
सुन के जिसको, सभी कह उठें,
कितना सुन्दर है ये सयानी ll
सुख दुख सम कर भाव बनायें,
सदा करें हम संयम साझा l
आओ मिलकर गीत बनाये,
हर पल उसको कहें जुबानी ll
मीठी वाणी बोला करते,
यही सदा ही काम कराते l
यही कहूं मैं बात सभी से,
मानव मुख की बात सुहानी ll
जप, तप, आशा और निराशा,
साथी बनते सदा सदा से l
धीरज धर लो मन को साधो,
नही कभी ये बात पुरानी ll
चलना सबको पड़ता ही है,
कौन बताये ये है रवानी l
अंतस की भाषा जो समझ लो,
बढ़ने मे होंगी आसानी ll
ठानो हिय से, खुद को जानो,
साथ सदा है मात भवानी l
रुक सके ना पथ की गाड़ी,
मान रखे है दुर्गा दयानी ll
भावार्थ -जीवन की अपनी एक स्व गति है l वह कभी रूकती नही है चाहे कुछ भी हो जाये लेकिन हम मानव अपने सार्थक प्रयास से अर्थात जीवन को अध्यात्म से, संयम से, अनुशासन से बखूबी संजो सकते है और आदि शक्ति माँ दुर्गा इन सभी कार्यों को करने मे सम्बल प्रदान करेंगी l
Congrats Sir
ReplyDeleteबहुत सुंदर.. उम्दा रचना 🙏🙏👌👍💐💐
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