जिला-कांकेर
शीर्षक-रिश्ता
भाव-उत्साह
मुश्किलें तो आयेंगी
हौसले से रिश्ता रख।
मंजिल को गर पाना है
रास्ते से रिश्ता रख।।
इस तरह जिंदगी में
एक मिशाल बन।
भटके राही के लिए
एक चिराग बन।।
दोस्तों के दिलों में रह
उम्मीद की किरण बन।
पत्थरों को ठुकरा दे
आईने से रिश्ता रख।
हर पल एक चुनौती है
इस बात को स्वीकार कर।
परेशानियों को भुला दे
मुस्कुराहट से रिश्ता रख
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर ,छग
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