शीर्षक-पर्यावरण बचाएं
जिला-कांकेर
राज्य-छग
प्रकृति के नैसर्गिक हरियाली
नदी,पर्वत,झरने, पेड़- पौधे
बनाते हैं धरती को स्वर्ग
देते हैं जीवन धरती को।
वर्षा,प्राण वायु,जीवन के दाता
ओजोन के रूप में है ये छाता
पक्षियों का बसेरा है पेड़ों से
इन्हें न काटो कभी मेड़ों से।
पेड़ लगाये पर्यावरण बचायें
मानवता की मशाल जलायें
वन्यजीवों के रक्षक बनकर
धरती की ये श्रृंगार बचायें।।
*व्याख्या* -
कविता के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता जीवन दान देती है, पेड़ लगाएं, सुरक्षा करें,
वन्य जीवों की रक्षा का आह्वान किया गया है।
मीरा आर्ची चौहान
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