Wednesday, May 27, 2020

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से सुशीला साहू "विद्या" की रचना- पर्यावरण

*रचनाकार----सुशीला साहू "विद्या"*
*जिला-------रायगढ़ (छ.ग.)*
*विधा-------कविता*
*विषय-------पर्यावरण*
*शीर्षक------आओ हम सब पेड़ लगायें* 
       
धरती की हम शान बढ़ायें ,
   आओ हम सब पेड़ लगायें।
       हरियाली अब चहुँ ओर दिखे ,
           वृक्षों से हम श्रृंगार करायें ।।1।।

सतत करें हम सब निगरानी,
  हम सब मिलकर पेड़ बचायें ।
     संतान सम करें देखभाल,
        कोई नुकसान न पहुचायें।।2।।

बेटा बेटी के नाम पर सभी,
   आओ एक पेड़ लगायें।
      हरी-भरी हो धरा हमारी,
         ऐसा करके हम दिखलायें।।3।।

प्रकृति छटा हो अनुपम अवनी ,
   प्रदूषण अब जग से मिटायें।
      पर्यावरण की हो सफाई,
          ऐसा प्रयास करके करायें ।।4।।

वृक्षारोपण पुण्य है भारी,
    इसे बचाकर धर्म कमायें।
      भूषण होते धरा हरितिमा ,
          पृथा को हम इनसें सजायें ।।5।।

धरा खत्म सब हो जायेगी,
    इस पर जरा गौर फरमायें।
       धरती की शान बढ़ाये हम ,
          पेड़ से हम श्रृंगार करायें।।6।।

व्याख्या:- वर्तमान स्थिति को देखकर कविता के माध्यम से पेड़ पौधों की सुरक्षा करें अपने और अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ।इसी संदर्भ में लोगों में जागरूकता लाने पर जोर दिया गया है।

4 comments:

  1. बहुत सुंदर संदेश है।आज पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वनों की कटाई रोकना, नए पौध तैयार कर आरोपित करना तथा उनका संरक्षण करना बेहद जरूरी है।रचना के लिए बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं

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  2. बहुत सुन्दर रचना, प्रक्रिती प्रेम का अच्छा उदाहरण।
    बहुत बहुत बधाई।

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  3. सुंदर संदेश समाहित किये समसामयिक बेहतरीन रचना👌👌👌👌👌👌👌

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