Friday, May 22, 2020

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" की रचना- कटु वचन



०१. रचनाकार का नाम:-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
०२. जिले का नाम- बलौदाबाजार(छत्तीसगढ़) 
०३. शीर्षक:- कटु वचन
०४. विधा:- मुक्त छंद
★★★★★★★★★★★
      कटु वचन
:::::::::::::: :::::::::::::::::::::::
वाणी एक दोधारी तलवार की तरह है।
उचित प्रयोग करे तो अच्छा,नहीं तो बुरा।
अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं।
ज्ञान की बातें सहेजकर रखते है।
कब कैसे क्या बोले पता नहीं।
जुबान फिसली तो रुका नहीं।
मन की शांति बनाकर रखिए।
जो भी बोलिए प्रेम से बोलिए।
छोटी सी जीभ,बड़े बड़े कहर ढा दे।
लड़ाई झगड़े छोड़के, अमन चैन दिला दे।
संयम शीतल भाव से, सादगी झलका दे।
मीठे वचन बोलके, प्रेम के रस पिला दे।
वाणी का वरदान, मानव को मिला है।
वाणी से ही मिठास उतपन्न होता है।
वाणी से ही दूसरे को ठेस पहुंचता है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें,आपको पता है।
*********************************
रचनाकार कवि डीजेन्द्र क़ुर्रे “कोहिनूर”


०५. व्याख्या-(मनुष्य को मीठा वचन बोलना चाहिए।कटु वचन बोलने से बड़े बड़े लड़ाई झगड़े उत्पन्न होने के प्रमुख कारण होते है।मीठा वचन बोल के हम प्रेम पा सकते हैं।इसलिए सदैव मीठा वचन बोले।)

1 comment:

  1. बहुत सुंदर रचना💐💐💐💐👌👌👌👌

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...