Friday, April 3, 2020

छत्तीसगढ़ से कुमार कारनिक की रचना- कोरोना

कुमार कारनिक
 छत्तीसगढ़
मो.नं.-९९२६४६९४०५

  
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               कोरोना भगाना है
              (मनहरण घनाक्षरी)
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कोरोना  को  भगाना है,
जनता   को  जगाना है,
जागरूकता   लाना  है,
      समझ दिखाईये।१।
000
हल्के  में न आंको  तुम,
दूर  से  ही  झांको  तुम,
जग   सारा   हार  गया,
     सतर्क हो जाईये।२।
000
कोरोना चीन  से आया,
सबको   नाच - नचाया,
निराली   इसकी  माया,
        दूर कर जाईये।३।
000
ऐसा   होगा   बार-बार,
हर   मानुष   का   वार,
होगा   देश   से   बाहर,
    आज से मिटाइये।४।
         ०००००
डॉक्टर     है    भगवान,
बनों     तुम     बलवान,
तभी    होगा   बेड़ापार,
 समझ दिखाओ ना।१।
000
अगर  हो  सर्दी  खांसी,
अस्पताल जाओ वासी,
रखो  नित   सावधानी,
   बाय बाय कहोना।२।
000
जाग    चुकी   सरकारें,
बंद   है  धार्मिक  स्थलें,
बंद  है   कॉलेज-स्कूलें,
     पग नही धरोना।३।
000
कोरोना   से  न  डरिये,
शंका आप  न  पालिये,
भागेगा   देश   से   दूर,
    तुम नही डरोना।४।


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