2.राज्य- मध्यप्रदेश
3. कविता का शीर्षक- रात होने के पहले
4. संपर्क नम्बर- 9993494545
रात होने के पहले
मैं पढ़ना चाहता हूँ
वो तमाम कवितायें
जो छुपा कर रखी गयी हैं
आँसू भरी पलकों के पीछे
बड़े जतन से.....
मैं सुनना चाहता हूँ
वो तमाम बातें
जो बोले जाने के पहले
कैद कर दी गयीं
खामोशी के कारागृह में
मैं महसूस करना चाहता हूँ
वो सारे कोमल अहसास
जो दफ़ना दिये गये
दिल की गहराइयों में
मैं जिंदा रखना चाहता हूँ
वे सारी अधूरी कहानियाँ
जो खत्म हो जायेंगी
पूरा होने के इंतज़ार में
मैं गुनगुनाना चाहता हूँ
जिंदगी से लव़रेज
वे तमाम नज़्में, गजलें
जिन्हें दफनाया गया
मांझी की रेत के नीचे
मैं निभाना चाहता हूँ साथ तुम्हारे
तुम्हारी हथेलियों से छिटक
ऊँगलियों के पोरों पर टिका
एक जादुई शाम का वादा
रात होने के पहले.....
संजय
Nice
ReplyDeleteBahut Sundar
ReplyDelete👏👏👌
ReplyDeleteExcellent attempt Each Word is very meaningful
ReplyDeleteBahut badhiya keep it up
ReplyDeleteDeep!!��✅
ReplyDeleteIse kehte hai sahi chahat!! ��