Tuesday, April 7, 2020

नई दिल्ली से अंशु पाल की रचना

अंशु पाल 
नई दिल्ली 
सकरात्मक सोच 

चिंतित क्यों हो आपदा से, तुमको पता नहीं

सृष्टि का यही  है कि कुछ भी  रुका नहीं

 

सुख का अगर घर नहीं है कोई, गम का पता नहीं

रात अगर ना काली हो तो सूरज जलता नहीं

 

जीवन ये अन्मोल है, करना कोई खता नहीं

बाहर कोई जाए तो देना उसको बता यही

 

शीत न जाये जब तक, देखो ग्रीष्म आता नहीं

राम राज नहीं होता गर रावण सताता नहीं

 

वतन के लिए कुछ करना हो तो,अवसर है सही

जीतेंगे इस जंग को भी हम दे दो जाता यही

 

प्रेम नहीं कम होता, अगर कोई पास बुलाता नहीं

दूरी बनाये रखने से कोरोना आता नहीं

1 comment:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...