मध्यप्रदेश
भविष्य का भारत
बहुत हुआ राह में बहुत अंधेरा,
दीपक के जैसा जलना होगा।
झूठ का करके मुँह काला,
सत्य आचरण करना होगा।
बहुत हुए परतंत्र, अंधविश्वासी,
हमें स्वभिमानी बनना होगा।
संस्कृति से जोड़कर ही नाता,
अनुकरण से अब बचना होगा।
नहीं समय अब पीछे जाने का ,
इतिहास से सबक सीखना होगा।
क्या खोया और क्या पाया ?
बाग़ में बहार को खिलना होगा।
भारत माता की सदा रक्षा में,
हरपल जीना होगा, मरना होगा।
साम्प्रदायिकता से छुटकारा,
भविष्य का भारत गढ़ना होगा।
Nice Kavita sir
ReplyDeleteधन्यवाद
Deleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteधन्यवाद
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