Tuesday, April 7, 2020

छत्तीसगढ़ से कमलकिशोर ताम्रकार" काश "की रचना सरस्वती वंदना

कमलकिशोर ताम्रकार" काश "
छत्तीसगढ़
सरस्वती वंदना



 -::  सरस्वती वंदना  ::-

माता श्वेतवर्णी ,चरणो की भक्ति देना. 
इस दुर्बल काया को, इतनी शक्ति देना. 

आठो पहर लबो पे , तेरा ही नाम आये. 
मै लीन रहू ऐसी, विद्या विवेक देना. 

तेरी महिमा कैसे बखानू, शब्द नहीं मेरे पास. 
विचलित हो न मन, बस इतनी सी है आस. 

अंधकार को चीर, हमे दिव्य प्रकाश देना. 
माता वीणी वादिनी, चरणों की भक्ति देना. 

ममतामयी तू माता, ग्यान अमृत का पिला दे. 
काम, क्रोध ,मद ,लोभ, मन से मेरे जला दे. 

बलिदान का आदर्श, बना जीवन ऐसी देना. 
माता ग्यान दायिनी, चरणों की भक्ति देना. 

हम चले नेक राह पर, बस वो तेरी डगर हो. 
न दूसरा कोई सहारा ,और न कोई भंवर हो. 

बहके न ये कदम, हमको भी तार देना .
माता कमलासनी, चरणो की भक्ति देना. 

कमलकिशोर ताम्रकार" काश "

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