उत्तरप्रदेश
शीर्षक - कोरोना
न. 7860247454
परिंदे फिर रहे हैं आज़ाद देखिए आसमानों में ,
और वन्दे हो गये हैं क़ैद आज अपने मकानों में।
ख़ुदा ही जाने अब कैसा दौर ये दोजहाँ में चल रहा,
खौफ़ दिख रहा हैं अब तो मौत का सबकी आँखों में।
हर तरफ है भागम भाग ख़ुद ही खुद की जान बचाएँ,
ऐसे में अब रोक लगा दी शहर,गाँव से आने जाने वालों में।
यूँ तो सब कहते फिरते थे कि अहबाब सारा ज़माना है ,
कौन किसकी मदद करे लगी पड़ी है अपनी-2 जान बचाने में
"कोरोना" है नाम बवा का जिससे सबका रोना - धोना है,
चीन,स्पेन,इटली,ईरान फैल रहा है हर मुल्कों के इंसानों में।
तालिब मंसूरी
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