राज्य - छत्तीसगढ़
शीर्षक - "मेरे आदरणीय गुरुजन"
मेरे आदरणीय गुरुजन ,
सभी एक से बढ़कर एक हैं महाजन ,
सामंतवादी उनका है मन ,
ज्ञान देने में हैं महारथी ,
मुश्किलों से निकालने वाले हैं साथी ,
सभी विधाओं में हैं वे दक्ष ,
शिक्षा देने में हैं निष्पक्ष ,
शिक्षा के अलावा उनमें बहुत हैं गुण,
करते कोई रचना कार्य ,
तो कोई हैं चित्रकला में निपुण ,
कोई अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं
तो कोई जीवन जीने की कला सिखाते हैं
शिक्षा उनकी व्यर्थ न जाती ,
विद्यार्थी पाते बड़ी कामयाबी ,
पढ़ाई के साथ बताते दुनियादारी ,
जो हमें होती बहुत लाभकारी ,
जीवों की दुनिया बताते हैं ,
रामायण का इतिहास बताते हैं ,
करते हमारे डर का दमन ,
ऐसे गुरुओं को मेरा शत शत नमन।।।
~ संजय कुमार
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