Friday, April 17, 2020

छत्तीसगढ़ से श्रीमती अंजली तिवारी मिश्रा की रचना

नाम - श्रीमती अंजली तिवारी मिश्रा 
राज्य - छ0ग0।
शीर्षक - बेटियाँ बड़ी प्यारी होती है। 




बेटियाँ बडी प्यारी होती है।
घर की रौनक होती है।
कौन कहता है बेटियाँ पराई होती है।
वह तो दिल का टुकड़ा होती है।
सिर्फ इस घर से उस घर पदार्पण होता है।
माँ बाबा की प्यारी बिटिया होती है।
जरा बडी हुई कि नहीं पूरी जिम्मेदारियाँ सम्भाल लेती है।
एक माँ की तरह अपने पिता की देखभाल करती है।
माँ की सहेली दोस्त बनकर 
हर कदम में उसके साथ रहती है। 
बेटियों के हाथों से ही सजता है,ये राखी होली और दिवाली।
यही प्यारी बिटिया हर तकलीफ हँसते हुए सहन कर लेती है।
ससुराल जाती है तो यादें छोड
घर सूना कर जाती है।
घर सूना कर जाती है।
ये बेटियाँ बडी प्यारी होती है।
बडी प्यारी होती है।

1 comment:

  1. जी हां। बड़ी प्यारी होती हैं बेटियां।

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