राज्य-छत्तीसगढ़(कोण्डागांव)
शीर्षक-ग़ज़ल
मेरी उल्फ़त पे ईनायत,मेरे हूज़ूर करो
मैने दिल तोहफ़े में भेजा है, मंज़ूर करो
आपकी खुशियां मेरे कागज़ी घर की दुश्मन हैं,
जश्न तुम आतिशों का, मेरे घर से दूर करो
अपनी कमनसीबी के इल्म से,पशेमां हैं हम
तुमपे खुदाई मेहरबां है, तुम ग़ुरूर करो
तुम्हारे पहलू में रख आए थे,हम शीशा-ए -दिल
रज़ा तुम्हारी है,संभालो या फिर चूर करो
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