Thursday, April 30, 2020

छत्तीसगढ़ से सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना

नाम-सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुन्द
शीर्षक- जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं

कोई नहीं आज तक वह पल भुला।
माता पिता रिश्तेदार खुशी से झूला।
अवतरण के इस शुभ दिन में याद कर।
उनके विश्वास,मीठी यादों को मत भुला।1।
पक्षियाँ कलरव से गाई होगीं मीठे गीत।
हर्षित हुआ होगा माता पिता व मीत।
किलकारी आज भी गूँजता होगा कानों में।
भूलो न उस पल को फैलाओ तुम प्रीत।2।
बहनों के प्यार से सुगंधित हो जीवन।
माता के दुलार से आनंदित हो जीवन।
हर खुशी मिलती रहे दुआ है रब से मेरी।
रिश्तों की डोरी से बंधकर प्रफुल्लित हो जीवन।3।
सूरज,चाँद,सितारे महफ़िल सजाएँ हजार।
मिलता रहे माँ की ममता,बहनों का प्यार।
जीवन के शुभ दिन का मेरी तरफ से।
खुशियाँ छाए देता हूँ शुभकामनाएं बारम्बार।4।
जीवन की सार्थकता को बनाना काम तुम्हारा है।
स्वस्थ,सुखमय जीवन,तृप्ति हो नाम तुम्हारा है।
ईश्वर से विनती मेरी,उत्कृष्ट हो जीवन डगर।
मिलती रहे उन्नति,प्रगति,शिखर ये सम्मान तुम्हारा है।5।


सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"

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