Monday, April 27, 2020

दिल्ली से तालिब मंसूरी की रचना- पहली बार मोहब्बत

तालिब मंसूरी
दिल्ली
पहली बार मोहब्बत
7860247454



***पहली बार मोहब्बत***

उफ्फ़ ये पहली पहली बार मोहब्बत करने वाले लोग,
हाय ये थोड़ी मस्ती ,थोड़ी शरारत करने वाले लोग ।

आँखे नशीली और कमर लहराकर चलने वाले लोग ,
थोड़ा गुस्सा फिर प्यार हाय ये नजाकत करने वाले लोग |

 ज़रा-ज़रा सी बात पर मुह फुलाकर रखने वाले लोग,
उफ़्फ़ ये पहली पहली बार मोहब्बत करने वाले लोग।

चार दिनों का प्यार और फिर जिश्म टटोलने वाले लोग,
कब क्या भरोसा इनका ये तो दर-दर भटकने वाले लोग।

पहले बनते आईना और फिर टूटकर बिखरने वाले लोग,
हर किसी पर मरने वाले,मर क्यों नहीं जाते ये सारे लोग।

अरे हम तो ठहरे "तालिब"रूह तलक उतरने वाले लोग।
उफ़्फ़ ये पहली-पहली बार मोहब्बत करने वाले लोग।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...