स्वरचित रचना शीर्षक
🌹कोरोना🌹
कोरोना बिमारी बनी महामारी
जग को सारे हिला दिया
इसके घेरे में जो भी आया
यमलोक उसको पहुचा दिया।।
जाति धर्म भेदभाव न देखा
सबको एक सा सिला दिया
कोई भी इससे बच ना पाया
सबको इसने हरा दिया ।।
कोई भी युक्ती काम ना आई
निर्बल सबको इसने बना दिया
कुदरत का विनाश किया इन्सा ने
इसका परिणाम उसने बता दिया।।
समझ सको तो समझो प्यारे
फिल्म का ट्रेलर दिखा दिया
अब ना समझे तो मिट जाओगे
समझने का तुम्हे मौका दिया।।
कुदरत के संग जीना सीखो
संदेश दे सबको जगा दिया
पेड़ लगाओ जल को बचाओ
सादा जीवन सबको सिखा दिया।।
कोई कुदरत से बच न पाया
जिसने भी इसको दगा दिया
विकास करो कुदरत के साथ
सबको इसने ये सिखा दिया।।
धरती को तुम हरा बनाओ
जल संरक्षण का संदेश दिया
कुदरत संग विकास करो तुम
अच्छे से ये हमको समझा दिया।।
जय श्री राम
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