**************
राज्य- उत्तर प्रदेश
**************
शीर्षक- गणेश वंदना
****************************************
जय गणपति जय हो एकदंत जय भालचंद्र जय श्री गणेश ।
जय धूम्रवर्ण जय महाकाय हे विघ्नहरण हरिए कलेश ।।
जय लंबोदर जय विकटमेव जय गौरीसुत मंगल कर्ता ।
हे शोक विनाशक वक्रतुंड जय हो दुष्टों के संहर्ता ।।
सबका जीवन मंगलमय हो ना भूख प्यास बीमारी हो ।
सभ्यता संस्कृति विकसित हो ना छल - प्रपंच - मक्कारी हो ।।
सब सज्जन हों सब शिक्षित हों हों सभी सदाचारी भगवन ।
सब चलें सुपथ पर साथ- साथ मानवता का महके उपवन ।।
सद्भाव- प्रेम चहुदिशि फैले हो भेदभाव का सर्वनाश ।
सौभाग्य जगाए मानव फिर सहयोग - शान्ति का कर विकास।।
बस यही प्रार्थना है धरनी यह अत्याचार विहीन बने ।
जन-गण-मन में उपजे "विवेक" यह राष्ट्र अखंड नवीन बने।।
No comments:
Post a Comment