Monday, April 20, 2020

उत्तरप्रदेश से विवेक अग्निहोत्री की रचना

विवेक अग्निहोत्री
**************
राज्य- उत्तर प्रदेश
**************
शीर्षक- गणेश वंदना
****************************************

जय गणपति जय हो एकदंत जय भालचंद्र जय श्री गणेश ।
जय धूम्रवर्ण जय महाकाय हे विघ्नहरण हरिए कलेश ।।
 जय लंबोदर जय विकटमेव जय गौरीसुत मंगल कर्ता  ।
हे शोक विनाशक वक्रतुंड जय हो दुष्टों के संहर्ता ।।
सबका जीवन मंगलमय हो ना भूख प्यास बीमारी हो ।
सभ्यता संस्कृति विकसित हो ना छल - प्रपंच - मक्कारी हो ।।
 सब सज्जन हों सब शिक्षित हों हों सभी सदाचारी भगवन ।
सब चलें सुपथ पर साथ- साथ मानवता का महके उपवन ।।
सद्भाव- प्रेम चहुदिशि फैले हो भेदभाव का सर्वनाश ।
सौभाग्य जगाए मानव फिर सहयोग - शान्ति का कर विकास।।
बस यही प्रार्थना है धरनी यह अत्याचार विहीन बने । 
जन-गण-मन में उपजे "विवेक" यह राष्ट्र अखंड नवीन बने।।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...