Wednesday, April 15, 2020

राजस्थान से श्रेणीदान चारण की रचना- मैं सैनिक हूँ

रचनाकार- श्रेणीदान चारण          
राज्य- राजस्थान
शीर्षक- मैं सैनिक हूँ। 

मैं सैनिक हूँ । 
 पहाड़ों पर चढ़ता हूँ ।
 लहरो को चीरता हूँ ।
 गगन को चूमता हूँ ।।
 थल में चलता हूँ । 
          मैं सैनिक हूँ ।।
 ना डरता हूँ 
 ना मुसीबतों से घबराता हूँ 
हमेशा आगे बढ़ता हूँ 
          मैं सैनिक हूँ ।।
ना सहता हूँ  
ना पीछे हटता हूँ  
हर जगह डटता हूँ
फिर भी न हारता हूँ 
           मैं सैनिक हूँ ।।
 बर्फ को खाता हूँ 
 हवा को पीता हूँ 
हर मुश्किल में जीता हूँ 
             मैं सैनिक हूँ ।।
ना सोता हूँ 
ना  रोता हूँ 
 हर जंग  को लड़ता हूँ 
              मैं सैनिक हूँ ।।
जागता हूँ रात भर हर प्रहर में।
 तभी तुम सोते हो अपने घर में।।
फिर भी आपस में लड़ते हो एक पल में। 
क्या माँ ने शत्रु पाल रखे हैं हृदय में।।

अपनों से मिलने को तरसता हूँ 
बच्चों के प्यार के लिए मरता हूँ ।।
माँ के दुलार के लिए जीता हूँ 
 यारों की यादों को निगलता हूँ 
                        मैं सैनिक हूँ ।।
बच्चे डरते हैं पटाखों से।
 हम सोते हैं बम धमाकों से।।
और क्या कहूं भारत मां की उस बोली को।
 जिसके लिए गले लगाते हम गोली को।।

मर कर भी अमर हो जाता हूँ ।
लोगों के दिलों में शहीद कहलाता हूँ।।
 देख ये भारत माता रोती है ।
फिर भी देश की जनता सोती है।।

अब नहीं है लड़ना 
अब नहीं है रुकना 
झंडा ऊंचा करना है अपना
 बस यही एक सपना।

हर समय तत्पर रहता हूँ 
देश के लिए सब कुर्बान करता हूँ।
                            मैं सैनिक हूं।।

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