मध्यप्रदेश
शीर्षक-भारतवासी
मो. 9993644691
हम भारत के रहने वाले
राष्ट्र हमारा जान से प्यारा,
बुद्ध की धरती के निवासी।
न बैर किसी से और न ईर्ष्या
आपस में नाता है भाईचारा,
हिलमिलकर रहते भारतवासी।
दुःख दर्द में सबके होते सरीख
मंदिर मस्ज़िद या हो गुरुद्वारा,
हमेशा जीतते हैं भारतवासी।
गंगा की बहती है अमृतधारा
राम और कृष्ण आदर्श यहाँ,
मानवता के प्रतीक भारतवासी।
दुश्मनों को सबक सिखाकर
लहू वतन के काम है आया,
नागरिक सच्चे हैं भारतवासी।
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