---<<०: बचना कोरोना से घर में रहना :०>>---
०××× सार छन्द ×××०
कोरोना से बचना है तो , घर में रहना भाई ।
तालाबंदी को सब मानो , इसमें छुपी भलाई ।।
कोरोना रही महामारी , है घातक बीमारी ,
हल्के में मत लेना इसको , रखें सब समझदारी ।
आओ इसे मिलके हरायें , बनके उत्तरदायी ।।
तालाबंदी को सब मानो , इसमें छुपी भलाई ।।१
कोरोना से बचने को लें , हम संकल्प जरूरी ,
हमें संयम रखना पड़ेगा , सामाजिकता दूरी ।
भीड़भाड़ में जाना-आना , मौत की रही खाई ।।
तालाबंदी को सब मानो , इसमें छुपी भलाई ।।२
कोरोना को चलो हरायें , रखें हम सावधानी ,
नहीं तो याद आ आयेगी , निश्चय अपनी नानी ।
इसके आगे नहीं चलेगी , किसी की है ढिठाई ।।
तालाबंदी को सब मानो , इसमें छुपी भलाई ।।३
कोरोना हाथ मिलाने से , बढ़ते रहती आगे ,
देख सफाई भय के मारे , भीख प्राण की माँगे ।
बार-बार साबुन से करना , हाथ की है सफाई ।।
तालाबंदी को सब मानो , इसमें छुपी भलाई ।।४
कोरोना गंदगी देखके , वार करती हमेशा ,
नाक-मुँह-नैन को छूने से , बढ़ जाती अंदेशा ।
इससे बचनेवालोंपर है , करती नहीं चढ़ाई ।।
तालाबंदी को सब मानो , इसमें छुई भलाई ।।५
कोरोना फैली जगती में , बनी है महामारी ,
उससे हमें बचा पायेगी , सावधानी हमारी ।
घर में सारा समय गुजारो , कर सद्ग्रंथ पढ़ाई ।।
तालाबंदी को सब मानो , इसमें छुपी भलाई ।।६
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