मध्यप्रदेश
तेरी मेरी कहानी
कविता
तेरी मेरी कहानी
ये मेरी भी कहानी है
ये तेरी भी कहानी है
वक्त ने बख्शी है जो
यही एक निशानी है
जिस्म में कैद रूह की
बस इतनी ही रवानी है
एक शाम अजनबी सी
एक रात दीवानी है
मिले थे हम कभी
फ़कत यही अहसास है
ख्बाबों की नीद लिये
तेरी खुश्बू का साथ है
यादों के ऑगन तले
चॉदनी की बरसात है
जज़्बातों के तूफान में
साहिल की आस है
उम्र भर चलते रहे
मंजिल की तलाश है
साथ मिल जाये तेरा
बस यही दरकार है
दो पल के साथ की
बेशुमार यादें पास हैं
संजय
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