राज्य:- कोंडागाँव ,छत्तीसगढ़
शीर्षक:-रोटी की कहानी
संपर्क:-७९७४०४२०९२
आओ सुना दूं तुम्हें, रोटी की कहानी
रोटी की कहानी हो ....रोटी कहानी
कितनों को ये रोटी ने आबाद किया है
कितनों को ये रोटी ने बर्बाद किया है
इस दुनिया मे गरीबी तो सबसे बुरी है
इस दुनिया में रोटी तो जीवन की धुरी है
आओ सुना दूं तुम्हे रोटी कहानी
रोटी की कहानी हो.....रोटी की कहानी
इस रोटी के खातिर कोई हैवान बना है
इस रोटी के खातिर कोई बेईमान बना है
हत्या ,चोरी ,डकैती इस रोटी ने कराया
इस रोटी ने तो भाई को भाई से लड़ाया
आओ सुना दूं तुम्हे रोटी कहानी
रोटी की कहानी हो.....रोटी की कहानी
वाह रे ! रोटी तूने इंसानों को कितना रूलाया
खुले आसमान ,तपती धूप में फुटपाथ में सुलाया
कोई बिलख रहा, तुझको पाने को
बच्चे बिलख रहे ,तुझको खाने को
आओ सुना दूं तुम्हे रोटी कहानी
रोटी की कहानी हो.....रोटी की कहानी
परदेस जाते लोग, खाने कमाने को
तू तड़पता रहता है आजमाने को
कोई पेट भरने को भीख मांगता
कोई पेट भरने को मर्यादा लाँघता
आओ सुना दूं तुम्हे रोटी कहानी
रोटी की कहानी हो.....रोटी की कहानी
श्रवण मानिकपुरी
वाह श्रवण जी
ReplyDeleteसार्थक कविता है।😊
बहुत बहुत धन्यवाद
Deleteबहुत ही मार्मिक एवं प्रेरणादायक कविता
ReplyDeleteहार्दिक बधाई ,आदरणीय साहेब जी🙏
बहुत बहुत आभार आदरणीय आपका
ReplyDeleteबहुत सुंदर एवम कटु सत्य भैया जी
ReplyDeleteधन्यवाद भाई
DeleteBht khub likha h aapne kya baat h
DeleteThank you sir
Deleteबहुत सुंदर कविता आदरणीय श्रवण दास जी।
ReplyDeleteजीवन की वास्तविकता को प्रर्दशित करती हुई प्रासंगिक रचना।