शीर्षक- कोरोना
राज्य-मध्यप्रदेश,जिला-हरदा
इन्सान को उसकी करनी की
एक जीव ने क्या खूब सजा दी
चारों ओर हाहाकार मचाया
उसकी सारी हेकडी भुला दी ।।
शेख चिल्ली बन फिरता था
इसने उसकी औकात दिखा दी
नदियों को रोक बान्ध बनाये
जंगलों को काट बस्ती बसा दी ।।
विकास चक्र मे उलझ इन्सान ने
समस्याओं की बाढ़ लगा दी
जहर ही बोया जहर ही खाया
बीमारियों की विपदा ला दी ।।
धरती का सीना छलनी कर डाला
जल नभ में गन्दगी फैला दी
प्रकृती ने अपना चाबुक चला कर
नानी इन्सान की याद दिला दी ।।
कुछ ही समय में महामारी ने
मानवता की जड़ें हिला दी
अपनी शक्ती का दुरुपयोग करके
अपने अन्त की करी मुनादी ।।
धरती के संतुलन को बिगाड़ा
और अपनी जनसंख्या बढ़ा दी
पेड़ों की खूब करी कटाई
अपने विनाश को क्या खूब हवा दी।।
अभय चौरे
जिला- हरदा(म.प्र.)
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