Friday, March 27, 2020

राजस्थान से बजरंग लाल सैनी वज्रघन की रचना- हे माँ

बजरंग लाल सैनी वज्रघन
राज्य राजस्थान
संपर्क 8769764786
शीर्षक - हे माँ



हे मातेश्वरी,
आद्यशक्ति भवानी,
जगत्तारिणी।

ज्वालमालिनी,
अकुवल्लभा माँ, 
जगद्धात्री। 

मुण्डमालिनी, 
ललिता रूपा मात, 
हे ज्वालामुखी। 

जगदम्बिके, 
जगत्सूत्रधारिणी, 
हे त्रिनयने।

भुवनेश्वरी, 
भुवनमोहिनी माँ, 
भववल्लभे। 

हे महामाया, 
हे महिषमर्दिनी, 
पद्मासना माँ।

जगज्जननी, 
त्रिपुरांबिका मात, 
ललिता देवी। 

हे वागीश्वरी, 
त्रैलोक्यसुभगे हे, 
सर्वरूपिणि। 

मात भवानी, 
जगत् उद्धारिणी, 
सबको तार। 

बजरंग लाल सैनी वज्रघन

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