Saturday, March 28, 2020

उत्तराखण्ड से संदीप सिंधवाल की रचना - कहर से जंग

कवि - संदीप सिंधवाल
शीर्षक - कहर से जंग 
राज्य - रुद्रप्रयाग उत्तराखंड 


कहर से जंग
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काबू कर इच्छाओं पे मन घर पर लगा कर रखें 
रिश्तों की हंसती फुलवारी  को सजा कर रखें।

आफत का तूफान थम जाएगा एक सब्र से ही
दिलों से करीबी, जिस्मों  से दूरी बढ़ा कर रखें।

गुजारा कर लें थोड़ा रूखे सूखे से चंद रोज ही
लजीज पकवानों से अपनी जी बचा कर रखें।

जिंदगी रही तो मौज मस्ती के मौके भी आएंगे
अभी काज और समाज से ध्यान हटा कर रखें।

अगर हो खुद संपन्न और  सक्षम तो पुण्य पाएं
असहाय और गरीबों का भी पेट भरा कर रखें।

यह एक महायुद्ध  है बीमारी और  जिंदगी का
कवच पहन कर ये जिंदगी को जीता कर रखें। 

घबराहट से  समाधान नहीं  मिलता 'सिंधवाल'
हौसलों से ही उम्मीदों का दिया जला कर रखें।

संदीप सिंधवाल

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