Monday, February 3, 2020

उत्तराखण्ड से संदीप सिंधवाल की रचना- कोरोना

संदीप सिंधवाल
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड 
शीर्षक - कोरोना वायरस - संकट के दोहे



कोरोना वाइरस से, दुखी पड़ा संसार।
चीन की देन से, जग में हाहाकार।।

चैन से सोए हैं वो, नाहिं जिनको भान।
विदेशियों की चीन में, दांव लगी है जान।।

हिय उपजे है भय एक, सभी पर होवे शक।
दिमाग में वायरस है, काम काज सभी ठप।।

देश घर के दंगों से, पहले ही लाचार।
आना जाना बन्द है, दम तोड़ता व्यापार।।

विज्ञान का करिश्मा है, प्रयोग उपजे रोग।
कीड़ों की श्रंखला से, बनता मानव जोग।

निरोग रहे हर वशिंदा, दुआ करे 'सिंधवा॑ल'।
एक हरि का ही आसरा, ये संकट भी टाल।।

संदीप सिंधवाल

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