Tuesday, February 11, 2020

राजस्थान से सुभाष सैनी " सृजन" की रचना- पिता जी

नाम - सुभाष सैनी " सृजन"
राज्य - राजस्थान
शीर्षक -  पिताजी
संपर्क सूत्र - 9001019002
विधा - कविता 
                    "पिताजी"

होली दीवाली हर त्योहार,
               मांगते हैं जब हम उनसे उपहार।
हमें उपहारों से सजाने को ,
          वो (पापा) चले है घर से दूर कमाने को ।।
दिन - रत अथक परिश्रम करके ,
                         जब वो घर को जाते हैं।
चन्द्र चांदनी संग संग वो भी 
                        अपनों में खो जाते हैं।।
देख अकेलापन  खुद का ,
                        वो हरपल टूट ही जाते हैं ।
रिश्ते नाते प्यार वफा सब 
                        पीछे ही छूट जाते हैं।।
तुतलाती बिटिया की यादें 
                     जब उनके मन में आती है ।
ऐसा  लगता  है  जैसे 
                     आंखों से वर्षा बहती है ।।
दशरथ - सा प्रेम बांटने
                   जब वो जीवन- समर में आते हैं।
कहत " सृजन" सृष्टि धारा में 
                     तब वो "पिताजी" कहलाते हैं।।
सर्वाधिकार सुरक्षित - मौलिक रचना

2 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...