पता- अमलोर (सिरपुर), जिला- महासमुंद
राज्य- छत्तीसगढ़
सम्पर्क- 9907380520
विषय- पुन्नी के मेला
राजिम अऊ सिरपुर, तीरथ धाम म गिनाथे
मांघ महीना म सुग्घर पुन्नी मेला ह भराथे ।
मीत मितान संगी जहुरिया सबो झन सकलाथे ।।
तइहा जमाना म गाड़ी बइला हर फन्दाये ।
बाट में तेल ओंगाये बइला में गंघरा बंधाये ।।
कुकरा बास्त मेला ठउर मुंधरहा बेरा ले पहुँचाथे ।
मांघ महीना म सुग्घर पुन्नी मेला ह भराये ।।
मीत मितान संगी.......
शंकर भोला ऊपर गंगा जल चढाथे ।
सिरी फल चढ़ाके मांथ ल नवाथे ।।
नागा बावा अऊ साधु संत मन डेरा ल जमाथे ।
मांघ महीना म सुग्घर पुन्नी मेला ह भराथे ।।
मीत मितान संगी.......
कनिहा ल जोरे गुइयाँ मेला घुमत हे ।
हाँथ ला धरे जोहि ढेलवा झूलत हे ।।
लाली मुँहरंगी पान ठेला ले रचाथे ।
मांघ महीना म सुग्घरपुन्नी मेला ह भराथे ।।
मीत मितान संगी........
ओखरा लई के अड़बड़ पसरा लगाथे ।
पेम खजूर रखिया पाक रचरच ले रचाथे ।।
जादू वाला के तीर जम्मो धेरा बनाथे ।
मांघ महीना म सुग्घर पुन्नी मेला ह भराथे ।।
मीत मितान संगी.........
बंसरी के तान छेड़े खेलौना ल सजाथे ।
पुन्नी के चिन्हा संगी गोदना घलो गोदाथे ।।
सुख दुख ल बिसावत बेरा ह पहाथे ।
मांघ महीना म सुग्घर पुन्नी मेला ह भराथे ।।
मीत मितान संगी..........
✍✍
*अजयशेखर "नैऋत्य"*
*अमलोर (महासमुंद)*
Bahut badhiya
ReplyDelete🙏Shat shat Naman 🙏Ajay shekhar ji 💐
ReplyDeleteबहुत सुंदर छत्तीसगढ़ी रचना हे भाई जी
ReplyDeleteअति सुंदर
ReplyDeleteNice Kavita ji👌👌
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