राज्य- छत्तीसगढ़
शीर्षक - *घर भगा दूंँगा*(एक हास्य)
बच्चे बेमिसाल होते हैं
अनसुलझे सवाल होते हैं।
तत्पर होते हैं आत्मरक्षा में,
हाईअलर्ट हमेशा कक्षा में।
दिन ब दिन बढ़ती शरारत
अचानक पेट दर्द , हरारत।
कभी मरती नानी कभी दादा,
ऐसे ही बढ़ी थी ,शैतानी ज्यादा।
*शोनू* की बढ़ती बदमाशी थी,
शिक्षक की आफत खासी थी।
एक दिन पूछा उन्होंने जिगर थामें,
क्यूँ सारी कक्षा में शरारत है,
शरारती है अब तो कक्षा सारी,
बताओ किस बगावत की तैयारी?
सारी कक्षा साथ बोल पडी़
बातों पर अमल हो रहा ,
आपने कहा था, एक दिन
शैतानी करोगे तो सारे
घर भगा दूंगा 😃
इसी लिए शैतानी है ,
हमारी मिलकर जारी।।
✍रश्मि विपिन अग्निहोत्री
केशकाल जिला कोण्डागांव
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