Saturday, February 1, 2020

छत्तीसगढ़ से सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- बसंत

कवि- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
शीर्षक- ऋतुराज बसंत
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोब.- 8103535652
        9644035652
मन बसंत सा,
              दिल मयूर सा झूमे।
कोयल बाग कूके,
                 आम्र बौर फूले।
माँ शारदे वीणापाणि,
                 सरसों के बाग झूले।
ऋतुराज बसंत,
                  नवकोपलों से फूले।
भौरों की भिनभिन में,
                        बैर भाव भूलें।
ऋतुराज बसंत में,
                  मन सावन सा झूले।
बाग राग सा लहलाहये,
               पीले सरसों संग फुले।
मधुकर मधुर सा,
                   पराग कण भूले।

सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"

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