Thursday, January 9, 2020

छत्तीसगढ़ से विश्वनाथ देवांगन"मुस्कुराता बस्तर" की रचना- सोनहा छत्तीसगढ़

रचना: विश्वनाथ देवांगन"मुस्कुराता बस्तर"
राज्य: छत्तीसगढ़
मोबाइल नंबर: 07999566755

"सोनहा छत्तीसगढ़"
!
मन होगे लिख दूहूं,
कुछू तोर नाव के,
मन भर जातिस,
दिल म तोर घाव के,

मया के पाति लिख,
तोर नाव मांगेंव भीख,
बिहनिया ले सांझ,
सुरता तोरेच गांव के,

सुरता नई आवय,
मुंदरी लेके देखवं,
का खा डरे रहे तैं,
मया बर तोर छांव के,

तोला सुवा,पंडकी,परेवां,
संदेस दे डरिन नई आये,
सूरूज ह मंझनिया आगे,
पनघट म तोर गांव के,

करिया कावा कस,
कांव कांव करत हें,
परदेसिया कांवा मन,
बैरी हें भुइंया नाव के,

खोजत कहां जाबो,
महाकौशल के बेटा हन,
कहां खोजबो मया ल,
मया तीरथ के नाव हे,

बस्तर से सरगुजा जस,
मंदिर मस्जिद कहां पाबो,
हमर बानी हमर संस्कृति,
दाई गीता ददा कुरान हे,

झन होय मया म बइर,
नरवा,गरवा,घुरवा,बाड़ी,
ल बचावव माटी मान बर,
संग चलव मीत मया गांव के,

चीला,चौसेला,मांझन,दौरी,
सुआ,ददरिया,गौरा,गौरी,
नंदावत हें हमर पुरखौती,
खेल अउ सुग्घर खलिहान हे,

जागव जवान जागव किसान,
नवा सुरूज हे नवा बिहान,
सोनहा छत्तीसगढ़ हमर,
महतारी कटोरा धान के |

विश्वनाथ देवांगन'मुस्कुराता बस्तर'

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