राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
शीर्षक- *उपहार*
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माँ की ममता ,पिता का प्यार।
माँ की ममत्व से बड़ा न कोई उपहार।
जब माँ बच्चों से खुद हार जाती है।
ये है माँ की ममता,उसका उपहार।
पिता जब हर जरूरत पूरी करे ।
ये है उसकी दुलार,बच्चे का उपहार।
खुद भूखी रहकर बच्चों को खिलाये।
वो माँ ही देती है बच्चों को ऐसा संस्कार।
पिता अपने चिथड़े कपड़ो का देता उपकार।
किसी महंगे उपहार से कीमती माँ की लोरी की पुकार।
किसी नायाब सुन्दर गिफ्ट से बड़ी पिता की दुलार।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
अति सुंदर
ReplyDeleteUpkar aapka mere pr bhi Hai sir ji
ReplyDeleteलाजवाब सर जी👌👌👌
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