Monday, January 13, 2020

राजस्थान से पवन गौतम बृजराही बमूलिया की रचना- मकर संक्रांति(गीत)

राज्य- राजस्थान।
रचनाकार-
पवन गौतम बृजराही बमूलिया ।
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मकर संक्रांति(गीत)
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कहीं पतंग उड़ाई जाए।
       कहीं लावणियां झलकाए।
सूरज अपनी दिव्य छटा को..
    जन जन तक रश्मि पहुँचाए।
नए वर्ष में खुशियाँ लाए......
     सबको मकर सक्रांति भाए।।
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कहीं लाहिड़ी नाम पुकारे।
    पोंगल कहकर इसे उचारे।
स्वर्ण भास्कर हो उतरायण...
    विवस्वान मार्तण्ड नज़ारे।

फसलें खेतों में लहलाए.......
   सबको मकर संक्रांति भाए।।
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सूर्य दिवाकर का उजियाला।
   आदित्य, दिनकर बन मतवाला।
रश्मिरथी दिनेश की आभा........
             दूर करे सारा अँधियारा।

तिथि ऋतु मौसम चक्र चलाए......
सबको मकर संक्रांति भाए।।
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पवन गौतम बृजराही बमूलिया
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