शीर्षक-सत्य के पथ पर चल
राज्य-छत्तीसगढ़
* सत्य के पथ पर चल *
सत्य के पथ पर चल रे राही
सत्य के पथ पर चल।
राह कठिन है चलना सँभलकर
काँटे मिलेगें राहो में
मंजिल अगर है तुमको पाना
हिम्मत करके बढ़ रे रही
हिम्मत कर के बढ़।।
सत्य के पथ पर चलने वाले
डरते नहीं आँधी तुफानो से।
सीना -तान के आगे बढ़ जा
फूल खिलेंगे राहों में ।
खुशियाँ अगर है तुमको पाना
कदम बढा़कर चल रे राही
कदम बढा़कर चल।।
दीन-दुखियों का सहारा बन कर
मिटा सभी अँधकार
दीपक बन जा राह में उनके
यही तेरा सत् कार्य ।
भेदभाव को अगर है मिटाना
गले लगाकर चल रे राही
सबको गले लगाकर चल।।
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