कन्हैया लाल श्रीवास
भाटापारा छ.ग.
जि.बलौदाबाजार भाटापारा
दिन ............मंगलवार
विषय ..........गीत
विधा - ......उपमान छंद
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*तुम गीत हो जीवन के,*
*मैं हर पल गाता।*
आधार छंद- उपमान(23मात्रा)
यति--(13,10),पदांत-- 22
(आता,पाता.... )
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सुन ले मेरे मीतवा,
है अपना नाता।
तुम गीत हो जीवन के ,
मैं हर पल गाता।
★★★★
धवल चाँदनी रात में,
शीत बड़ी भाती।
कुहासा भरा रोशनी,
सभी तन सुहाती।
शीतमास मधुरिम लगें,
मधु रस बरसाता।
तुम गीत हो जीवन के ,
मैं हर पल गाता।
★★★★★
जब मधुमास रंगीली,
लिए साथ बरखा।
खेत खलिहान औ बाग,
उर चित्त मन हरषा।
देख पुष्प बसंत भ्रमर,
खूब मंडराता।
तुम गीत हो जीवन के ,
मैं हर पल गाता।
★★★★★★★★★★★★★★★
स्वलिखित
कन्हैया लाल श्रीवास
भाटापारा छ.ग.
बलौदाबाजार भाटापारा
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