Thursday, January 9, 2020

छत्तीसगढ़ से शैलेन्द्र चेलक की रचना- मानव

नाम - शैलेन्द्र चेलक 
पता - पेंडरवानी , बालोद ,छत्तीसगढ़
सम्पर्क - 9098518976

              मानव
ईश्वर की उकृष्ट रचना है मानव ,
पर क्यूं बनते जा रहा है दानव ,
अपने से भी तुच्छ जीवों से भी ,
छोटा ,ओछे होते जा रहें है लोग ,
भाववश ,भयवश ,दलगत होकर ,
समझ व मानवता खोते जा रहें है लोग ,
कुछ मतान्तरों के चलते,
जब एक-दूसरे का खून बहाते हैं ,
आए दिन अलीगढ़ , जेएनयू, और न जाने कहां- कहां ?
समझदारी छोड़ , पशुता दिखाते हैं ,
बेशक अपनी बात रखना ,
खुद की रक्षा करना ,
शोषण के विरुद्ध लड़ना ,
अधिकार है ,
पर इसके चलते मानवता खोकर ,
हिंसक हो जाना ,
क्या यही मात्र उपचार है ?
जहां कहीं पशु धुरविरोधीयों के बच्चों से प्रेम दिखाते हैं ,
विपत्ति में साथ निभाते , रहतें हैं ,
वहीं इन विरोधाभाषों के बीच ,
हम अपने को मानव कहते हैं ,
जहां समाधान सिर्फ हिंसा है ,
वहां मानवता मर जाती है ,
 जब दया ,प्रेम , समझ नही ,
वहां क्या मानव , मानव भी है ?

          - शैलेन्द्र चेलक -

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