राज्य - छत्तीसगढ़
विषय - शिवशंकर स्तुति
विधा - रूपमाला छंद
संपर्क - 9200252055
शीश शशिधर गंग शोभित, शर्व शंभु सुरेश,
शिव शुभंकर सौम्य शंकर, शेष शैव्य महेश।
शंकरा शत शांकरी शुभ, शत्रुदमन शिवाय,
शक्ति शाश्वत शीर्ष शैवी, शील अति शोभाय।-1
भूत भैरव भद्र भोले, भार्गवी भरतार,
भाललोचन भूतवानी, भव्य भव भंडार।
भीम भीषण भीति भंजन, भावता भगवान।
भक्त भारित भाव्य भार्गव, एक शिव अधिदान।-2
व्याघ्र वल्कल विश्व वल्लभ, वाम वामा वास।
कामहंता कालयोगी, कर्मरत कैलास।
आदि अंतिम शून्य आकृति, नाम है ओंकार।
देवतामणि देवदेवा, दोष सब संहार।-3
आशुतोष अनंत अविचल, अगोचर अज आप।
सत्य सुंदर शिव सनातन, प्रभु हरो संताप।
नात्र निर्णुण हो निरंजन, सत सगुण श्रीनाथ।
वीर वैरागी विहारी, वल्लभा सुत साथ।-4
*कन्हैया साहू 'अमित*'
सादर आभार आदरणीय प्राज साब।
ReplyDeleteअद्भूत रचना सादर नमन।
ReplyDeleteबहुत सुंदर 👏👌👍💐💐 अनंत बधाई भैया जी
ReplyDeleteबहुत खूब सर जी
ReplyDeleteउत्कृष्ट सृजन आदरणीय ।
ReplyDeleteशानदार सृजन आदरणीय
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